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फरीदाबाद में RDX, गुजरात में ज़हर, कश्मीर में हथियार — पुलवामा जैसी साजिश नाकाम

डॉक्टरों का आतंक नेटवर्क बेनकाब — इलाज की आड़ में ‘मौत का कारोबार’!

🛑 EXCLUSIVE MEGA BREAKING: डॉक्टरों का आतंक नेटवर्क बेनकाब — इलाज की आड़ में ‘मौत का कारोबार’! फरीदाबाद में RDX, गुजरात में ज़हर, कश्मीर में हथियार — पुलवामा जैसी साजिश नाकाम 🔥💣

सहारनपुर/फरीदाबाद/श्रीनगर/अहमदाबाद, 10 नवम्बर 2025।
देशभर में फैले आतंकी नेटवर्क का वो चेहरा सामने आ चुका है जिसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती थी — डॉक्टरों, फार्मासिस्ट और शिक्षित युवाओं का ऐसा नेटवर्क, जो इलाज और इंसानियत की जगह मौत और तबाही का इलाज ढूंढ रहा था। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और गुजरात में पिछले दस दिनों के भीतर हुई कार्रवाईयों ने एक ऐसी मल्टी-स्टेट आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया है, जिसका निशाना भारत के आम लोग, धार्मिक स्थल, फल मंडियाँ और रेस्टोरेंट थे।


💣 फरीदाबाद से 350 किलो RDX, 2 AK-47 और टाइमर बरामद – डॉक्टर आदिल की निशानदेही पर खुला कश्मीर कनेक्शन

सबसे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर में डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था, जो अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में रेजिडेंट डॉक्टर रह चुका था।
उसके लॉकर की तलाशी में एक AK-47 राइफल मिली, और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने हरियाणा के फरीदाबाद में अपने सहयोगी डॉक्टरों का नाम बताया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा एटीएस की संयुक्त टीम ने फरीदाबाद के धौज इलाके में छापा मारा, जहाँ 350 किलो आरडीएक्स, 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 20 टाइमर, दो AK-47, दो ऑटोमैटिक पिस्टल, 84 कारतूस और पांच लीटर केमिकल बरामद किए गए।
यह विस्फोटक किसी बड़े शहर में “पुलवामा जैसी वारदात” को दोहराने के लिए पर्याप्त था।

फरीदाबाद के मेडिकल कॉलेज के कमरे से यह बरामदगी ऐसे समय हुई, जब आरोपी डॉक्टर सामान्य रूप से क्लास ले रहा था। शहर के लोगों को भनक तक नहीं थी कि उनके बीच इतना भारी विस्फोटक भरा है।


⚠️ आदिल के नेटवर्क में शामिल दूसरे डॉक्टर और फरीदाबाद कनेक्शन

डॉ. आदिल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक और डॉक्टर को हिरासत में लिया।
पूछताछ में सामने आया कि यह समूह पिछले छह महीनों से फंडिंग, हथियार छिपाने और विस्फोटक तैयार करने की साजिश पर काम कर रहा था।
सभी आरोपी डॉक्टर आपस में ऑनलाइन कोडवर्ड में बात करते थे और “मेडिकल रिसर्च” के नाम पर केमिकल्स खरीद रहे थे।

एजेंसियों को यह भी पता चला कि ये डॉक्टर जैश-ए-मोहम्मद से प्रेरित थे और पाकिस्तान से संचालित एक हैंडलर के संपर्क में थे, जो सोशल मीडिया के माध्यम से इनसे जुड़ा था।


🧠 डॉक्टरों का आतंक नेटवर्क — ‘इलाज नहीं, इंसान खत्म करने का मिशन’

अब इस नेटवर्क की जड़ें केवल कश्मीर और फरीदाबाद तक सीमित नहीं रहीं।
इसी बीच गुजरात एटीएस ने भी अहमदाबाद के पास अडालज हाईवे से तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया — इनमें से दो डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट हैं।

इनके पास से दो पिस्टल, कई कारतूस, लैपटॉप, मोबाइल और एक घातक ‘केमिकल जहर’ बरामद हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, यह ज़हर साइनाइड से भी अधिक खतरनाक है — कुछ ही ग्राम में सैकड़ों लोगों की जान ले सकता है।


☠️ फलों और पानी में जहर मिलाकर मारने की साजिश

गुजरात एटीएस की प्रारंभिक पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए।
आरोपी डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मंशा गोलीबारी या बम विस्फोट करने की नहीं थी, बल्कि “धीमी मौत” के जहर से लोगों को मारने की थी

वे फलों, वाटर सप्लाई, या बड़े रेस्टोरेंट के खाद्य पदार्थों में यह घातक केमिकल मिलाकर सामूहिक हत्याओं की योजना बना रहे थे।
उनके लैपटॉप और मोबाइल से दिल्ली के आजाद नगर फल मंडी, लखनऊ के संघ कार्यालय, अहमदाबाद की नरोदा फल मंडी, और कई बड़े रेस्टोरेंटों के वीडियो मिले हैं।

स्पष्ट है कि ये लोग शहरों के सार्वजनिक स्थानों और भोजन आपूर्ति श्रृंखला को निशाना बना रहे थे — ताकि बिना धमाके, ‘जहर से मौत’ का आतंक फैलाया जा सके।


🧩 पांच महीने से गुजरात एटीएस की निगरानी — इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से मिली सफलता

गुजरात एटीएस पिछले 5 महीनों से इस मॉड्यूल पर नजर रख रही थी।
ये आरोपी मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। उनके बारे में पहली सूचना इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिली थी।
इसके बाद उनका इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और मूवमेंट ट्रैकिंग लगातार की जा रही थी।

एजेंसियों को इनकी बातचीत में “Gujarat High Value Target” शब्द मिला।
जब इनके पाकिस्तानी हैंडलर ने कहा — “गुजरात हमारा अगला मिशन है” — तो ये तीनों एक कार में आंध्र प्रदेश से गुजरात के लिए निकले।
सुरक्षा एजेंसियों ने हर मूवमेंट ट्रैक किया और अडालज हाईवे पर इनको गिरफ्तार कर लिया।


💀 जहर से हमला — ‘Silent Kill’ की प्लानिंग थी

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी डॉक्टरों ने कई केमिकल फॉर्मूले ट्राई किए थे ताकि बिना गंध या रंग बदले फलों या पानी में घातक विष मिलाया जा सके।
उनकी चैट में लिखा था —

“Blast creates noise, but poison creates fear.”
(“विस्फोट शोर मचाता है, पर ज़हर डर फैलाता है।”)

यह कथन ही उनके खतरनाक इरादों को बयान करता है।


🔍 देशभर में फैला नेटवर्क — जम्मू, हरियाणा, यूपी और गुजरात कनेक्शन

अब जांच एजेंसियों को शक है कि यह एक ही नेटवर्क है जो डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और मेडिकल छात्रों के माध्यम से काम कर रहा था।
डॉ. आदिल और गुजरात में पकड़े गए डॉक्टरों के बीच डिजिटल चैट और एक समान पाकिस्तानी IP संपर्क भी मिले हैं।

एनआईए, आईबी, और रॉ की टीमें इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए संयुक्त ऑपरेशन चला रही हैं।
अब तक तीन राज्यों में 500 से अधिक जगह छापेमारी, 40 से ज्यादा हिरासतें और सैकड़ों डिजिटल डिवाइस जब्त किए जा चुके हैं।


⚖️ UAPA, Explosive Act, और NDPS की धाराओं में मुकदमे दर्ज — पूछताछ जारी

सभी गिरफ्तार डॉक्टरों और फार्मासिस्ट पर UAPA, Explosive Act, और NDPS Act की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा ATS, गुजरात ATS और NIA मिलकर जांच कर रही हैं।

🔹 पूछताछ अभी जारी है
एजेंसियों के अनुसार, यह देखना बाकी है कि अब और कितने नाम और ठिकाने सामने आते हैं।
हर विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या देश के अन्य मेडिकल कॉलेजों या यूनिवर्सिटियों में भी इस नेटवर्क के सदस्य सक्रिय हैं।


🧠 डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

मेडिकल जगत में हलचल मच गई है —
आख़िर कैसे वो लोग जो जीवन बचाने की शपथ लेते हैं, इंसानियत के दुश्मन बन गए?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कट्टरपंथ का नया रूप है — जहाँ शिक्षा का दुरुपयोग आतंक के औजार के रूप में किया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों ने मेडिकल संस्थानों को चेताया है कि वे संदिग्ध विदेशी संपर्क या अजीब केमिकल रिसर्च गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करें।


🇮🇳 देशव्यापी अलर्ट — दिल्ली, लखनऊ, अहमदाबाद, फरीदाबाद सभी जगह सुरक्षा कड़ी

गुजरात में हुई गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली, लखनऊ, फरीदाबाद और श्रीनगर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
फलों की मंडियों, वाटर प्लांट्स और बड़ी खाद्य आपूर्ति कंपनियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और NIA को इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग और विदेशी कनेक्शन का विस्तृत चार्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं।


💥 कश्मीर से फरीदाबाद होते हुए गुजरात तक फैली साजिश — लेकिन समय रहते नाकाम

डॉक्टर आदिल से शुरू हुई जांच अब देश के सबसे बड़े “Medical Terror Module” में बदल चुकी है।
यह नेटवर्क इलाज की आड़ में इंसानियत पर हमला करने की योजना बना रहा था।
फरीदाबाद में विस्फोटक, गुजरात में जहर और कश्मीर में हथियार — सब एक ही ‘Silent Terror Plan’ का हिस्सा थे।

लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस, गुजरात ATS और हरियाणा एटीएस की समय रहते कार्रवाई ने इस साजिश को जड़ से उखाड़ दिया।
अगर यह हमला सफल होता तो देश एक और पुलवामा या भोपाल गैस जैसी त्रासदी का सामना कर सकता था।


✍️ रिपोर्ट — एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📍 सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)
📅 10 नवम्बर 2025
📞 8217554083

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